भारत के सात अजूबे 2023 नाम और फोटो 7 Wonders of India in Hindi

भारत के सात अजूबे 2023 : जगह और विशेष वस्तुएँ हैं जो मानवता के कौशल और उत्कृष्टता का प्रतीक हैं। उन्हें देखकर हम सोचते हैं कि कैसे ऐसे अद्भुत चमत्कारिक काम किए गए होंगे, जो कि उस समय की तकनीक से बाहर होते हैं। इन उपन्यासिक और पुरानी युग की तकनीकों के पीछे की रहस्यमयता को समझने में हमारी सोच को एक नई दिशा मिलती है।

आजकल, मानवता की ऊंचाइयों की कोई सीमा नहीं है क्योंकि तकनीक में विशेष विकास हुआ है। हालांकि इतिहास में मानव द्वारा बनाई गई विस्मयकर चीजें आज भी प्रेरणा से भरपूर हैं।

आपने दुनिया के सात अजूबे के बारे में तो जरुर सुना होगा और शायद आप दुनिया के इन अजूबों के बारे में जानते भी होंगे लेकिन क्या आप भारत के अजूबों के बारे में जानते हैं अगर नहीं जानते तो आज का यह लेख इसी बात पर आधारित है।

तो आहिये जानते हैं भारत के सात अजूबे कौन कौन से हैं इस लिस्ट में 7 ऐसे अजूबे शामिल किये गए हैं जो अपनी विचित्रता के कारण प्रसिद्ध हैं इनमें कुछ ऐसे हैं प्राचीन काल में बनाये गए थे जबकि कुछ अजूबों को आधुनिक दौर में बनाया गया है।

क्रम संख्याअजूबास्थान
1 ताजमहलआगरा
2कोणार्क सूर्य मंदिरउड़ीसा
3स्वर्ण मंदिरअमृतसर
4नालंदापटना
5खजुराहोछतरपुर
6हाम्पीकर्नाटक
7श्रवणबेलगोलाकर्नाटक

1. ताजमहल उत्तरप्रदेश

tajmahal भारत के सात अजूबे 2023 नाम और फोटो 7 Wonders of India in Hindi news

आगरा में स्थित ताजमहल वाकई में  भारत के सात अजूबे अद्भुत स्थलों में से एक है। यह अद्वितीय भव्यता का प्रतीक है जिसे मुग़ल सम्राट शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में बनवाया था। ताजमहल की अद्वितीय कलाकृति का निर्माण 1632 में पूरा हुआ था, और इस निर्माण के लिए लगभग 22 साल का समय लगा था।

शाहजहाँ ने ताजमहल की श्रेष्ठतम गुणवत्ता के लिए विश्वभर से सफ़ेद संगमरमर के पत्थरों की आपूर्ति करवाई थी। इस उत्कृष्टता से युक्त संगमरमर का निर्माण किया गया, और इसकी सफेदता ने इसे वास्तविक रूप में अद्वितीय बनाया है। ताजमहल के आस-पास का बगीचा भी एक माधुर्यपूर्ण वातावरण प्रदान करता है, और यहाँ के दृश्यों को देखने के लिए दुनियाभर से पर्यटक आते रहते हैं।

2. स्वर्ण मंदिर पंजाब

स्वर्ण मंदिर, जिसे गुरुद्वारा सिख समुदाय का एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल माना जाता है, पंजाब के अमृतसर शहर में स्थित है। यहाँ को ‘भगवान का घर’ भी कहा जाता है और यह सिख समुदाय के प्राचीनतम गुरुद्वारों में से एक है। इसकी प्रमुखता ने इसे विश्वभर में एक प्रमुख धार्मिक स्थल बना दिया है, जहाँ लाखों लोग आकर अपने आत्मा को शुद्ध करते हैं। इसके चारों ओर सरोवर है, जिसने इसकी आलंब बढ़ाते हैं, और इस मंदिर की शानदारता को और भी बढ़ा देते हैं।

3. कोणार्क सूर्य मंदिर उड़ीसा

कहा जाता है कि इस मंदिर की नींव 13वी शताब्दी में रखी गई थी। इस मंदिर का एक अन्य प्रसिद्ध नाम “ब्लैक पगोड़ा” है, जो इसकी खासियत को दर्शाता है। यह मंदिर भारत के सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक है और इसकी अद्भुत वास्तुकला का नमूना है, हालांकि समय के साथ इसकी महत्वपूर्णता में कमी आ रही है।

इस मंदिर की विशेष शैली में, सात घोड़ों द्वारा आकाश की ओर प्रवृत्ति की तस्वीर स्थापित है, और यह मंदिर की शुरुआत में सिंह और हाथियों की मूर्तियों के साथ देखी जा सकती है।

4. खजुराहो मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश के खजुराहो मंदिर, जहाँ कई आकर्षक कामुक मूर्तियाँ देखने को मिलती है, यह मंदिर को अनूठा बनाती है। यहाँ की मूर्तियाँ मंदिर को अद्वितीय और विशेष बनाती हैं। यहाँ पर जैन और हिन्दू धर्म की मूर्तियाँ देखने को मिलती हैं, जिनसे मंदिर की विविधता और सांगीतिकता प्रकट होती है।

खजुराहो मंदिर का निर्माण चंदेल साम्राज्य के शासनकाल के दौरान 950 और 1050 ईस्वी के बीच में हुआ था। इस मंदिर की अद्वितीय वास्तुकला ने उसे भारत ही नहीं, बल्कि विश्वभर में प्रसिद्ध बना दिया है।

5. नालंदा विश्वविद्यालय बिहार

नालंदा विश्वविद्यालय, जो आज एक खंडहर के रूप में अस्तित्व में है, बिहार की राजधानी पटना से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित है। इसका मानना है कि यह विश्वविद्यालय इतिहास का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय था, जहाँ पर एक समय में 10000 छात्रों को 2000 शिक्षकों द्वारा शिक्षा दी जाती थी।

नालंदा विश्वविद्यालय 427 ईस्वी से 1197 ईस्वी तक एक समृद्ध शिक्षा संस्थान रहा है, हालांकि इसके बाद आक्रमणकारियों द्वारा इसका नाश कर दिया गया। इसके पश्चात्तर इसका स्थान एक खंडहर के रूप में रह गया है और इसका नाम इतिहास की पन्नों पर अब तक बना हुआ है।

6. हाम्पी मंदिर कर्नाटक

यह मंदिर विजयनगर नगर के खंडहरों में स्थित है, जो उत्तरी कर्नाटक में है। इसकी वास्तुकला के कारण यह देशभर में प्रसिद्ध है और इस मंदिर में भारतीय वास्तुकला के हर प्रकार का आभास होता है। यहाँ आपको विभिन्न प्रकार की मूर्तियों के साथ महल, अस्तबल और बुर्ज का संग्रह भी देखने को मिलता है।

मान्यता है कि भगवान राम और उनके भाई लक्ष्मण ने माता सीता की खोज में इस मंदिर का दौरा किया था।

7. श्रवणबेलगोला या गोमतेश्वर कर्नाटक

जैसा कि आप इस छवि में देख सकते हैं, गोमटेश्वर या श्रवणबेलगोला के नाम से प्रसिद्ध एक मूर्ति है, जो कर्नाटक राज्य में स्थित है। यह कहा जाता है कि 983 ईसवी में इस मूर्ति को एक ही पत्थर से तराशकर बनाया गया था, और इसकी पहुँचन के लिए 618 सीढ़ियों को चढ़कर जाना पड़ता है।

इस मूर्ति की ऊँचाई 60 फीट है, इससे हम अंदाजा लगा सकते हैं कि इस बड़े पत्थर से कैसे इसकी आकृति को निर्मित किया गया होगा और इसे इतनी ऊँचाई पर कैसे स्थापित किया गया होगा।

 भारत के सात अजूबे का वीडियो

 भारत के सात अजूबे कौन कौन से हैं?

ताजमहल, स्वर्ण मंदिर, कोणार्क सूर्य मंदिर, खजुराहो, नालंदा, हाम्पी और श्रवणबेलगोला |

भारत का सबसे बड़ा अजूबा क्या है?

ताजमहल, भारत की गरिमामय संस्कृति की झलक और अद्वितीय शिल्पकला का प्रतीक है। यह दुनियाभर में सर्वाधिक प्रसिद्ध अजूबों में से एक है और वार्षिक रूप में लगभग 60 लाख लोग इसे दर्शन करने आते हैं।

स्वर्ण मंदिर में कितना सोना लगा है?

स्वर्ण मंदिर में करीब 1.7 टन सोना लगा है।

निष्कर्ष

भारत के सात अजूबे” वाकई हमारे देश के गर्वपूर्ण धरोहर हैं, जो उनकी अनूठी और महत्वपूर्ण पहचान बनाते हैं। ये सभी अजूबे विश्व धरोहर की श्रेणी में भी शामिल हैं, जिनका महत्व दुनिया भर के पर्यटक भी मानते हैं। ये अद्वितीय स्थल न केवल विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, बल्कि भारतीय लोगों को भी गर्व महसूस होता है कि हमारी भूमि पर ऐसे अनमोल धरोहर हैं।

इन सात अजूबों की खोज में यात्रा करने से हम अपने पूर्वजों के महानता, कला, और शिक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझ सकते हैं। भारत के इन अद्वितीय चमत्कारों को देखकर हम अपनी मातृभूमि के प्रति आदर और सम्मान का भाव पुनः प्रकट करते हैं। यदि आपके पास समय और संभावना हो तो इन अजूबों की दर्शनीयता को आनंदित करने का एक अद्वितीय अवसर होना चाहिए, क्योंकि यह देश की महानता की कहानी को हमारे सामने प्रस्तुत करते हैं।

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